खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा ‘खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी (माघ मेला – 2026)’ का भव्य आयोजन

प्रयागराज। धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पावन नगरी प्रयागराज में, माघ मेले के पुनीत अवसर पर आस्था के साथ-साथ आत्मनिर्भरता का भी संगम हो रहा है। खादी न केवल हमारी परम्परा का हिस्सा है, बल्कि यह ग्राम-स्वराज और स्वावलंबन का भी सशक्त माध्यम है।
इसी भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से, खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा ‘खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी (माघ मेला – 2026)’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
प्रयागराज माघ मेला-2026 के अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। सोमवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में प्रयागराज के महापौर गणेश केशरवानी ने बतौर मुख्य अतिथि फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
यह प्रदर्शनी हमारे बुनकरों की कला और ग्रामोद्योग उत्पादों की शुद्धता को एक मंच प्रदान करने का विनम्र प्रयास है। यहाँ आपको देश के कोने-कोने से आए कारीगरों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट स्वदेशी उत्पाद और खादी वस्त्र देखने और खरीदने का सुअवसर प्राप्त होगा।
इस अवसर पर गणेश केशरवानी ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे आयोजनों से न केवल कारीगरों और उद्यमियों को सीधा बाजार मिलता है, बल्कि उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलती है।
प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर सहित विभिन्न राज्यों की खादी संस्थाओं ने भाग लिया है। यहां सूती, ऊनी, रेशमी, पोली खादी समेत पारंपरिक एवं आधुनिक खादी वस्त्रों की बिक्री की जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और मुख्यमंत्री माटीकला ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त कर स्थापित ग्रामोद्योगी इकाइयां भी अपने उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर रही हैं।

