सांसद चंद्रशेखर उर्फ रावण की याचिकाएं हाई कोर्ट से खारिज, अपराध एक जैसा घटनाएं अलग तो दूसरी एफआईआर वैध, केस कार्यवाही रद करने से इंकार

प्रयागराज। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना से सांसद चंद्रशेखर उर्फ रावण को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने सहारनपुर में हुई हिंसा मामले में आपराधिक केस कार्रवाई रद करने की मांग वाली चंद्रशेखर की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने 27 नवंबर को आदेश सुरक्षित रख लिया था। सहारनपुर कोतवाली देहात में सुधीर कुमार गुप्ता ने चंद्रशेखर आजाद व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आईपीसी की धारा 147,148, 149, 435 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे में विशेष न्यायाधीश/ एडीजे एमपी एमएलए कोर्ट सहारनपुर में ट्रायल चल रहा है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल परीक्षण के इस चरण में इन मामलों की कार्यवाही को रद करने और संबंधित आरोप पत्रों को पहली एफआइआर के पूरक आरोप पत्र के रूप में मानने के लिए इस कोर्ट की अंतर्निहित शक्ति का उपयोग करना उचित नहीं है।
यह तर्क दिया गया कि घटनाएं एक जैसी तो दूसरी एफआईआर कानून का दुरूपयोग है।
कोर्ट ने कहा भले ही घटना एक जैसी हो ,घटना स्थल अलग तो दर्ज हो सकती है दूसरी एफआईआर।साथ ही पुलिस पूरक चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है।
चंद्र शेखर रावण पर चक्का जाम , तोड़-फोड़ पुलिस चौकी फूंकने जैसे गंभीर आरोप की घटनाओं को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।रावण ने चार याचिकाएं दायर की थी चारो खारिज कर दी गई है।

