उस्मान अली द्वारा सिंडिकेट बना कर किया जा रहा अवैध खनन, मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेज कार्यवाही की मांग
राधे राधे इंटरप्राइजेज द्वारा नियम को दरकिनार कर किया जा रहा है अवैध खनन एवं परिवहन
उस्मान अली द्वारा सिंडिकेट बना कर किया जा रहा अवैध खनन, मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेज कार्यवाही की मांग
सोनभद्र। जन अधिकार पार्टी के प्रमुख प्रदेश महासचिव भागीरथी सिंह मौर्य ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि में० राधे राधे इण्टरप्राइजेज के पट्टेदार उष्मान अली द्वारा गिट्टी/बोल्डर (डोलो स्टोन) का खनन व परिवहन नियम विरूद्ध किया जा रहा है जिसकी शिकायत योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को ऑनलाइन शिकायती पत्र भेज कार्यवाही की मांग की गई है साथ ही जिलाधिकारी सोनभद्र, निदेशक व प्रमुख सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ, राज्य स्तरीय पर्यावरण प्राधिकरण लखनऊ, खान सुरक्षा निदेशक क्षेत्र वाराणसी, उप श्रमायुक्त पिपरी सोनभद्र, जिला खनिज अधिकारी सोनभद्र एवं क्षेत्रीय कार्यालय प्रदूषण एवं नियन्त्र बोर्ड सोनभद्र को भी पत्र भेज आवश्यक कार्यवाही की मांग की गई है। आगे भागीरथी सिंह मौर्य ने बताया कि मे० राधे राधे इण्टरप्राइजेज में 06 पट्टेदार पार्टनर है जिसमें सबका सिडिकेट मेम्बर उष्मान अली पुत्र मजनू भाई निवासी वार्ड नम्बर- 8 अग्रवाल मार्केट, सेन्दुरिया थाना-चोपन जनपद सोनभद्र है जिनके द्वारा गिट्टी/बोल्डर का नियम विरूद्ध उपखनिज किया जा रहा है। भूमि 3.4000 हेक्टेयर के लिए स्वीकार है। पट्टे का स्थान और क्षेत्र यह समस्त भू-खण्ड, जो जनपद सोनभद्र में तहसील-ओबरा ग्राम-बिल्ली मारकुण्डी स्थित आराजी संख्या-5006 क रकबा 3.400 हेक्टेयर, उत्तरः आराजी संख्या-4968 एवं 4969 की सीमा। दक्षिणः आराजी संख्या-4949 मि० का सीमा। पूरब आराजी संख्या-5006 मि० का शेष भाग। पश्चिमः आराजी संख्या 4960 एवं 4952 की सीमा है। इनके द्वारा मानक कि अनदेखी कर पूरी रात खनन किया जाता है साथ ही भारी पैमाने पर प्रदूषण भी फैलाया जाता है और बिना किसी स्पर्ड (विशेषज्ञ) के द्वारा विस्फोट किया जाता है। मे० राधे राधे इण्टरप्राइजेज द्वारा वन अनापत्ति प्रमाण पत्र, निदेशक, अनुमोदित खनन योजना संख्या का उल्लिखित सभी शर्तों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उक्त पट्टेदार के द्वारा बिना कुशल कारीगर की भांति कार्य कराया जा रहा है। उ०प्र० उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के अध्याय-5 में उल्लिखित सभी शर्तों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। गिट्टी/बोल्डर (डोलो स्टोन) (उपखनिज) का परिवहन प्रपत्र ई-एम०एम०-11 के माध्यम से नही किया जा रहा। उक्त नियमावली, 2021 के नियम-35 के उपबन्धों के अनुसार अनुमोदित खनन योजना और स्वच्छता प्रमाण पत्र में उल्लिखित निबन्धनों एवं शर्तों का उल्लंघन कर खनन कार्य किया जा रहा है। उक्त नियमावली, 2021 के नियम-36 के अनुसार पट्टाधारक, जिनका खनन पट्टा क्षेत्र 05 हे0 से अधिक है, परिवहन के निगरानी के लिए स्वयं के व्यय पर 360 डिग्री दृष्यता रिकार्डिंग के योग्य चार सी०सी०टी०वी० कैमरा लगाने सहित एक चेक पोस्ट/गेट का निर्माण, पट्टाधारक उक्त चेक पोस्ट/गेट पर आर० एफ० आई० डी० स्कैनर भी रखेगा जो नही किया गया है। खनिजों के परिवहन हेतु जहां ई-एम०एम०-11 जारी किया जायेगा वहां पट्टेदार उपखनिज के विक्रय मूल्य की दर को प्रदर्शित नही किया गया है। इनके द्वारा आबद्ध नियोजित श्रमिको को कोई भी सुरक्षात्मक उपकरण प्रदान नहीं किया गया है। उक्त पट्टेदार द्वारा खनन कार्य अनुमादित खनन योजना में विहित प्रक्रिया के अनुसार नहीं किया जा रहा है। इनके द्वारा पट्टेदार उत्पादन / निकासी से सम्बन्धित अभिलेख खनन क्षेत्र पर नहीं रखा गया है। पट्टेदार द्वारा खनन श्रमिकों के लिए चिकित्सा एवं शौचालय कि व्यवस्था नहीं कि गयी है। खदान से उप खनिजों के परिवहन करने वाले मार्ग पर पर्यावरण सुरक्षा का समुचित उपाय नहीं किया गया है। पट्टेदार द्वारा स्वीकृत पट्टा क्षेत्र के बाहर खनन कार्य किया जा रहा है। पट्टेदार द्वारा नियमावली, 2021 व खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के यथासंषोधित नियमों / धाराओं में उल्लिखित प्राविधानों तथा समय-समय पर जारी शासनादेशों एवं न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का अनुपालन नही किया जा रहा। खदान में निकासी स्थल पर तौल मशीन लगवाकर निदेशालय में स्थापित कमाण्डी सेन्टर में प्रयुक्त आटिफिशियल इन्टेलीजेन्ट युक्त सॉफ्टवेयर से इन्टीग्रेट के तौल मशीन होना चाहिए जिसका उपयोग इनके द्वारा नहीं किया जा रहा है। पट्टेदार द्वारा उच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण अथवा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
जन अधिकार पार्टी मांग करती है कि में० राधे राधे इण्टरप्राइजेज उष्मान अली पट्टेदार द्वारा गिट्टी/बोल्डर (डोलो स्टोन) का खनन व परिवहन नियम विरूद्ध किये जाने का जांच कर उचित कार्यवाही करते हुए उक्त नियमावली में उल्लिखित स्वतंत्रताओं, अधिकार तथा विशेषाधिकार का प्रयोग कर दिनांक 16.12.2022 से दिनांक 15.12.2032 तक 10 वर्ष की अवधि के लिए पट्टेदार को दिया गया है। जिसे निरस्त करते हुए राज्य सरकार में पट्टान्तरित किया जाए।