पंडित आरके शर्मा राही ने रखा रमजान का रोजा,पिछले बीस वर्षों से रोजा रखकर दे रहे हैं सद्भावना का संदेश….!!
रुड़की; राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)से सन् 1984 से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता व कवि पंडित आरके शर्मा राही ने रखा रमजान का रोजा,पिछले बीस वर्षों से रोजा रखकर दे रहे हैं सद्भावना का संदेश आरके शर्मा राही पिछले बीस वर्षों से रमजान के महीने में एक रोजा रखते चले आ रहे हैं।उनका कहना है कि ये रोजा देश की समृद्धि, विकास,सद्भावना और विश्व शांति को समर्पित रहता है।आरके शर्मा ने अपना रोजा पूर्व की भांति गत दिवस की शाम अपने गुरु अफजल मंगलौरी के निवास पर खोला।उन्होंने बताया कि उनको ये प्रेरणा उस समय मिली जब वे बीस वर्ष पूर्व अफजल मंगलौरी के साथ दिल्ली में महान कवि व शायर पंडित आनंद मोहन जोशी “गुलजार देहलवी” के दिल्ली में उनके रोजा अफ्तार कार्यक्रम में गए थे,जो हर साल विश्व बंधुत्व व विश्व शान्ति के लिए एक “रोजा-ए-रवादारी” रखते थे।पंडित आरके शर्मा राही ने कहा कि अफजल मंगलौरी का जीवन मानव सेवा,साहित्य सेवा तथा राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित है,जिनसे उन्हें जीवन में बहुत कुछ सीखने को मिला है।उन्होंने कहा कि देश में जो लोग समाज में जातिवाद, भेदभाव,नफरत और द्वेष फैलाना चाहते हैं,जिसको हम सब भारतीयों को मिलकर खत्म करना है।उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दर्जन से अधिक मुस्लिम देशों में वहां के सर्वोच्च सम्मान मिल चुके हैं,उन्होंने इस बार मुस्लिम भाइयों के लिए ईद का तोहफा (ईद राशन सामग्री) देकर साबित किया कि वे सबका साथ,सबका विकास वास्तव में धरातल पर चाहते हैं और देश की मुख्य धारा से जोड़ना चाहते हैं।आज तक किसी प्रधानमंत्री ने ये सौगात नहीं दी।इस अवसर पर अफजल मंगलौरी,हाजी अताउर्रहमान,इमरान देशभक्त, शाहरुख कुरैशी,विकास वशिष्ठ, गौरव सैनी,सैयद नफीसुल हसन ने शर्मा का अभिनंदन किया।