प्रयागराज: लोकनृत्यों की धूम के साथ शिल्प मेले का भव्य शुभारंभ
राष्ट्रीय शिल्प मेला 12 दिनों तक चलेगा और इसमें शिल्पकारों, लोककलाकारों और संगीतज्ञों की शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा आयोजित 12 दिवसीय राष्ट्रीय शिल्प मेले का शुभारंभ रविवार को मुक्ताकाशी मंच पर शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शोभायात्रा के साथ हुआ। इस आयोजन में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की झलक दिखाने वाले लोकनृत्य और शिल्पकला का अनूठा संगम देखने को मिला।
मेले की शुरुआत ओडिशा के पवित्र महापात्रा एवं दल द्वारा शंखवादन और चडैया नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। असम से आए नितुल चोटिया और दल ने बिहू नृत्य की जोशीली प्रस्तुति दी। झारखंड के सुबोध परमाणिक और उनके दल ने पाईका और छाऊ नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत कर दिया। इसके अलावा, नदीम राईन एवं दल ने बधाई और नौराता नृत्य पेश किया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा।
भजन गायक भूपेंद्र शुक्ला ने “जय गणपति वंदना” और “राम का नाम होठों पर आता रहे” जैसे भक्ति गीतों से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
शोभायात्रा ने मेले के उद्घाटन समारोह को और भी खास बना दिया। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपने पारंपरिक परिधानों और अनूठे नृत्यों के साथ शहरवासियों का ध्यान खींचा। शोभायात्रा केंद्र परिसर से शुरू होकर एजी ऑफिस और सुभाष चौराहे तक गई, जहां स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने कलाकारों का भव्य स्वागत किया।
सांस्कृतिक केंद्र के शिल्प हाट में आयोजित इस मेले में पहले ही दिन भारी भीड़ उमड़ी। दर्शकों ने भारतीय लोककला और शिल्प को करीब से समझने और सराहने का अवसर पाया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आभा मधुर ने किया, और दर्शकों की तालियों की गूंज कलाकारों के उत्साह को बढ़ाती रही।