शहर में पहली बार किडनी व बोन मैरो ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन सफल

प्रयागराज। शहर में पहली बार किडनी व बोन मैरो ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन सफल रहे। अब किडनी व ब्लड कैंसर के मरीजों को उपचार के लिए शहर के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा आसपास के शहरों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। एसआरएन अस्पताल से मंगलवार को किडनी के मरीज को छुट्टी मिल गई। वहीं, कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल से बोन मैरो ट्रांसप्लांट का मरीज बृहस्पतिवार को अपने घर चला जाएगा। दोनों मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
ढाई से तीन लीटर उतर रहा यूरिन
एसआरएन अस्पताल की पीएमएसएसवाई बिल्डिंग की किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में 25 मार्च को पहला गुर्दा प्रत्यारोपण किया गया। हंडिया निवासी 55 वर्षीय सरोज ने अपने 21 वर्षीय बेटे अभिषेक को किडनी दी। करीब 13 दिन तक अभिषेक को चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा गया। करीब सात दिन पहले सरोज को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इसके बाद मंगवार को अभिषेक भी अपने घर चला गया। किडनी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया कि अभिषेक का ढाई से तीन लीटर यूरिन उतर रहा है। उसका क्रिएटिनिन 0.94 है, जो कि बेहतर स्थित है। फिलहाल, मां-बेटे को फॉलोअप में रखा जाएगा।
हर महीने होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट
कमला नेहरू अस्पताल में 26 मार्च 2026 को शहर का पहला बोन मैरो ट्रांसप्लांट ब्लड कैंसर से पीड़ित प्रतापगढ़ निवासी 62 वर्षीय मरीज का किया गया। इस दौरान चिकित्सकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। मरीज को 14 दिन तक चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में रखा गया। मेडिसिन ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ. मानस दुबे का कहना है कि मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। अब हर महीने ब्लड कैंसर से पीड़ित एक मरीज का बोन मैरो ट्रांसप्लांट कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल में किया जाएगा।

