पेंशनरों ने फूंका बिगुल: मांगों को लेकर 16 मार्च को चंबा के चौगान में ‘हुंकार रैली’
पेंशनरों ने फूंका बिगुल: मांगों को लेकर 16 मार्च को चंबा के चौगान में ‘हुंकार रैली’
रिपोर्ट अशोक कुमार ब्यूरो चंबा
चंबा। हिमाचल प्रदेश सरकार की कथित वादाखिलाफी और पेंशनरों के प्रति उदासीन रवैये के खिलाफ अब जिला चंबा के पेंशनरों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति, जिला चंबा के बैनर तले आगामी 16 मार्च (सोमवार) को जिला मुख्यालय पर एक विशाल सांकेतिक धरना-प्रदर्शन और रैली का आयोजन किया जा रहा है।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
राज्य पेंशनर महासंघ चंबा के अध्यक्ष बजीर सिंह यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार पेंशनरों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला में मुख्यमंत्री ने 10 दिनों के भीतर जेसीसी (JCC) गठन का आश्वासन दिया था, जो चार महीने बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हुआ है।
प्रमुख मांगें जिन पर आर-पार की जंग:
पेंशनर समुदाय अपनी 14-सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
संशोधित वेतनमान: 01-01-2016 से 31-01-2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मियों को संशोधित स्केल का लाभ।
बकाया भुगतान: ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और पेंशन कम्यूटेशन की राशि का तुरंत भुगतान।
एरियर और डीए: लगभग 146 महीनों का लंबित एरियर और 10% महंगाई भत्ते (DA) की किस्तें जारी करना।
रैली का रूट और रणनीति
संघ के अनुसार, प्रदर्शनकारी सुबह 11:00 बजे चौगान नंबर-2 में एकत्रित होंगे। यहाँ से मुख्य बाजार होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक एक रोष रैली निकाली जाएगी। अंत में जिलाधीश के माध्यम से सरकार को चेतावनी स्वरूप एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
“यह हमारे मान-सम्मान की लड़ाई है। 18 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले हमें अपनी एकजुटता दिखानी होगी ताकि सोई हुई सरकार को जगाया जा सके।”
— बजीर सिंह यादव, अध्यक्ष, राज्य पेंशनर महासंघ चंबा
एकजुटता की अपील
समिति ने जिला चंबा के सभी 18 पेंशनर संघों के पदाधिकारियों, मातृशक्ति और बुजुर्ग पेंशनर बंधुओं से आह्वान किया है कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर भारी संख्या में इस रैली का हिस्सा बनें। उन्होंने मीडिया से भी इस न्यायसंगत संघर्ष को प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया है।

