जन सामान्य मंच के तत्वावधान में आयोजित यह विशाल सभा सामान्य वर्ग के आत्मसम्मान, अधिकार और संवैधानिक न्याय की बुलंद आवाज़ बनकर उभरी


कोरांव, प्रयागराज में जन सामान्य मंच के तत्वावधान में आयोजित यह विशाल सभा सामान्य वर्ग के आत्मसम्मान, अधिकार और संवैधानिक न्याय की बुलंद आवाज़ बनकर उभरी। सभा की अध्यक्षता जन सामान्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईपीएस जुगुल किशोर तिवारी जी ने की। उनके साथ सवर्ण समाज के अनेक राष्ट्रीय-राज्य स्तरीय संगठनों के पदाधिकारी, प्रबुद्ध समाजसेवी, बुद्धिजीवी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस ऐतिहासिक जनसभा में UGC के भेदभावपूर्ण प्रावधानों, एकतरफा नीतियों और सामाजिक संतुलन को चोट पहुँचाने वाले निर्णयों पर गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संविधान समानता, अवसर की बराबरी और न्याय की बात करता है—किसी भी वर्ग के साथ अन्याय, चाहे वह किसी भी नाम पर हो, स्वीकार्य नहीं। मंच से यह संकल्प लिया गया कि सामान्य वर्ग के हक़-अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष शांतिपूर्ण, संवैधानिक और संगठित रूप से जारी रहेगा।
आईपीएस जुगुल किशोर तिवारी जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि जन जागरण ही परिवर्तन की पहली शर्त है। उन्होंने समाज से अपील की कि भ्रम, भय और मौन को तोड़कर सत्य के साथ खड़ा होना ही समय की माँग है। सभा में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी।
कोरांव की यह विशाल सभा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामान्य वर्ग की चेतना, एकता और दृढ़ संकल्प का उद्घोष थी—एक स्पष्ट संदेश कि अब अन्याय के विरुद्ध आवाज़ और तेज़, और संघर्ष और संगठित

