बिजली बोर्ड की तैयारी जीरो पहली ही बारिश बर्फबारी में सैकड़ो गांव अंधेरे में डूबे, कुंभकर्णी नींद में सोई कांग्रेस सरकार, जनता बेहाल

रिपोर्ट अशोक कुमार, ब्यूरो चम्बा
जिला चंबा में लंबे इंतजार के बाद बारिश बर्फबारी से पेश आई समस्या के लिए कांग्रेस सरकार ने कोई तैयारी नहीं की है ,जिसके कारण लोगों को राहत के साथ आफत का सामना करना पड़ रहा है । पहली ही बारिश बर्फबारी में जिला के सैकड़ो गांव अंधेरे में डूब गए हैं । कहीं ट्रांसफार्मर जल गए हैं तो कहीं बिजली की तारे गिर गई है । बिजली बहाली के लिए बोर्ड व सरकार की तरफ से कोई तैयारी पहले नहीं की गई थी यह बात भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य जयसिंह ने जारी बयान में कही। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड में तकनीक की स्टाफ के अलावा फील्ड स्टाफ में भारी कमी है । सैंकड़ों कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं ,ऐसे में बर्फबारी के बाद बिजली बहाली के लिए कितना समय लगेगा बिजली बोर्ड को भी खुद इस बारे में जानकारी नहीं है । न तो बोर्ड के पास नई ट्रांसफार्मर है और न ही बिजली की तारे हैं। बिना सामान के बिजली बहाल करना बोर्ड के लिए परेशानी बना हुआ है । दो दिनों पूर्व हुई बर्फबारी के कारण बिजली बोर्ड के 643 ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं जिससे करीब 2000 गांव अंधेरे में डूबे हैं । बिजली बोर्ड के अलावा 132 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं जहांआवाजाही पूरी तरह से ठप है । लोगों को राशन समेत अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अगर विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की होती तो आज यह नोबत पेश नहीं आती। प्रदेश सरकार युवाओं को गुमराह करने के लिए महज मित्रों की भर्ती करने की योजना बना रही है ,बाकी विभागों में तो मित्र काम कर सकते हैं लेकिन बिजली बोर्ड में मित्र कर्मचारी कार्य नहीं कर सकते हैं यहां फील्ड स्टाफ के लिए नई योजना के तहत भर्ती करनी होगी जो बिजली के खंभो समेत बड़ी लाइनों पर काम कर सके। कांग्रेस के नेता चंबा आते हैं लेकिन लोगों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित नहीं करते हैं किसी भी नेता ने चंबा आकर कोई ऐसी परियोजना या कार्य नहीं किया जिसे जनता याद कर सके। कुल मिलाकर यह कांग्रेस की सरकार फेल साबित हुई है जिसका जवाब जनता आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में देगी।

