इलाहाबाद- झांसी स्नातक खंड से बीजेपी प्रत्याशी का नाम आने से सपा की बढ़ी मुश्किल

प्रयागराज। शिक्षक MLC चुनाव में किस – किस क्षेत्र में कितने वोट बने हम बात कर रहे है इलाहाबाद- झांसी स्नातक खंड क्षेत्र की जहां 2 लख 60 नजर 818 वोट बने। हालाकि इससे पहले 1 लाख 63000 वोटर था, जो कि इस बार 2 लाख 60 हजार 818 वोटर बने। इससे इलाहाबाद- झांसी स्नातक खंड कुल दस जिले शामिल हैं जिनमे प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, चित्रकूट, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, ललितपुर व झांसी शामिल हैं। जिनको मिलाकर इलाहाबाद – झांसी स्नातक खंड बनाया गया है, जिसमें लगभग 2 लाख 60 हजार 818 वोटर है।
यह जागरुकता और लोगों के मेहनत और लगन से किये गये अथक प्रयास और ऑनलाइन प्रक्रिया होने की वजह से लगभग 97 हजार वोटोरो की बढ़ोतरी इस बार स्नातक खंड में देखने को मिली है।
वही समाजवादी पार्टी इस बार पहले से ही वर्तमान विधायक डॉ मान सिंह यादव का नाम अपने प्रत्याशी के रूप में घोषित की है। अब उनके खिलाफ प्रत्याशी चुनने की बारी भारतीय जनता पार्टी की है और शिक्षक् संघ की है।
हालाकि भारतीय जनता पार्टी में तमाम दावेदार है और शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ गुट से सुरेश कुमार त्रिपाठी पूर्व mlc वो भी मैदान में है और प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं।
अब मजबूत दावेदारों की बात करा जाए तो भाजपा में चार बार के mlc रहे स्वर्गीय यज्ञदत्त शर्मा के लड़के मले शर्मा, उनकी एक मजबूत आधार है।
दूसरे दावेदारों में अशोक राठौर, जो कि दो बार शिक्षक MLC के चुनाव भी लड़ चुके हैं और दोनों बार वह दूसरे नंबर पर रहे है।
भारतीय जनता पार्टी में दो युवा नेता है जो जमीनी स्तर पर मतदाता बनाने का काम किया है।
कौशाम्बी के रहने वाले शैलेश सिंह पटेल ने दसो जनपद में जाकर वोटर बनाने का काम किया है साथ ही शैलेश सिंह पटेल ने एक आईटी शेल के जरिये ऐप के माध्यम से और टेलीफोन द्वारा शिक्षक और आम मतदाताओं तक पहुचकर मतदाता बनाने का कार्य किया है।
दूसरे युवा नेता जो 2 सालों से सोशल मीडिया के जरिए व्यक्तिगत मिलकर स्नातक स्तर की तैयारी कर रहे हैं उनका नाम है कुश श्रीवास्तव, कितने भी बड़े-बड़े दावेदार हो उसमें कुश श्रीवास्तव का नाम लिए बिना रहा नहीं जा सकता।
कुश श्रीवास्तव ने लगभग 2 साल से जमीन पर मेहनत करने का काम किया है चाहे प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, चित्रकूट, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, ललितपुर व झांसी हो यहां पर 99% स्कूलों में फॉर्म भिजवाए ताकि शिक्षक लोग मतदाता बन सके। हर तहसील में हर जिला कचहरी में हाई कोर्ट में उन्होंने कैंप लगाकर लगातार मतदाता बनाने का कार्य किया है। जिस प्लान में तहत कुश श्रीवास्तव ने मतदाता बनाने के लिए जमीनी मेहनत किया है।
वह प्लान कैम्प लगाकर और टेलीफोन व सोशल मीडिया के द्वारा और अपने ऑफिस में एक कुश श्रीवास्तव ने आईटी शैल ही बना दिया जहाँ से लोगों को मतदाता बनाने का आधुनिक तकनीक द्वारा काम किया गया है।
जिस प्लान के तहत कुश श्रीवास्तव ने मतदाता बनाने के लिए मेहनत किया है वह मेहनत प्लान के द्वारा लोगो को जागरूक किया वह मेहनत अन्य किसी लोगों में नहीं दिखाई दिया।
कुश श्रीवास्तव अभी युवा है और जिस तरह से वह मेहनत कर रहे हैं और अपने मुद्दों को रख रहे हैं और वह भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के नजर में भी है।
शीर्ष नेता जब प्रत्याशी तय करेंगे तब कुश श्रीवास्तव को कोई अनदेखा नहीं कर सकता और कुछ लोग तो कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी में अगर कोई दावेदार है खुलकर अपनी दावेदारी कर रहे है, जिस तरह से मेहनत जमीनी हकीकत पर कर रहे हैं और बाते हो रही हैं उसमें कुश श्रीवास्तव फिट बैठते हैं। कुश श्रीवास्तव का व्यक्तित्व बहुत अच्छा है और मैनेजमेंट में माहिर हैं। अधिवक्ता भी है और वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष वीपी श्रीवास्तव के पुत्र भी हैं कुश श्रीवास्तव की रणनीति सबसे बढ़िया लगी सभी जिलों में शिक्षकों की संख्या है लेकिन अधिवक्ता की संख्या और आम मतदाताओं की संख्या सीमित है इसको लेकर कुश श्रीवास्तव ने कचहरी में तहसील में हाई कोर्ट जिला कचहरी में उन्होंने कैम्प लगवा कर और टेलीकॉलिंग करवा कर मतदाता बनाने का काम किया है।
भले ही मतदाता 2 लाख 60 हजार 818 हो लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इसमें अच्छी खासी संख्या में मतदाता बनाने का काम शैलेश सिंह पटेल और कुश श्रीवास्तव ने किया है जो सहयोग है वह कुश श्रीवास्तव का बड़ा है, जो मेहनत कुश श्रीवास्तव ने किया है उसको देखते हुए लगता है कि कोई नेता इतना जमीनी मेहनत किया हो। ऐसी कंडीशन में भारतीय जनता पार्टी जब अपने प्रत्याशियों पर विचार करेगी तो कुश श्रीवास्तव कहीं से कमजोर नहीं है अब यह तो तमाम बड़े नेताओं पर निर्भर करता है कि किसको अपना प्रत्याशी बनाती है क्योंकि समाजवादी पार्टी से वर्तमान एमएलसी डॉक्टर मान सिंह यादव मैदान में मौजूद हैं।
भारतीय जनता पार्टी किसको इस बार इलाहाबाद झांसी स्नातक खंड के लिये प्रत्याशी के रूप में चुनती है और किसके ऊपर दाव लगाती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

