यज्ञ और दीपदान कर त्रिदिवसीय भरद्वाज जयन्ती सम्पन्न प्रयागराज के प्रथम गुरू को नमन करना हमारा कर्तव्य-सुधीर नारायण
प्रयागराज के प्रथम गुरू को नमन करना हमारा कर्तव्य-सुधीर नारायण

प्रयागराज की महानता को जीवित रखने वाला कार्यक्रम
प्रयागराज । तीन दिवसीय भारद्वाज जयंती प्रयागराज दिवस आज धार्मिक अनुष्ठान और दीपदान के साथ संपन्न हुआ। दीपदान की अगुवाई क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने की।
इस अवसर पर बोलते हुए न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहा कि हमारी संस्कृति और विरासत के अगवा हैं महर्षि भारद्वाज । उनको नमन करना हम सबका कर्तव्य है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने कहा कि इस तरीके के कार्यक्रम प्रयागराज की महत्ता और संस्कृति को बढ़ाते हैं इसे और अच्छे से आगे मनाया जाएगा।
इस अवसर पर प्रयागराज विद्वत परिषद के संयोजक वीरेन्द्र पाठक ने कहा कि आज यहां हो रहे यज्ञ बाल्मीकि रामायण में लिखें उसे संस्मरण की याद दिलाते हैं जिसमें भगवान राम वनवास के समय श्रृगंवेरपुर पार करके माता सीता को यज्ञ का धुआं दिखाकर बताते हैं कि यह महर्षि भरद्वाज का आश्रम है हम प्रयागराज आ गए हैं
शाहिद कार्य परिषद के सभी लोगों ने सामूहिक आरती यज्ञ और सुंदरकांड का पाठ भी किया।
समापन के समय डॉक्टर प्रमोद शुक्ला अभिषेक मिश्रा आशुतोष शुक्लारूपेश जायसवाल, राहुल दुबे सुधीर द्विवेदी विक्रम मालवीय डा श्रवण कुमार मिश्र संदीप शर्मा सुनीता मिश्र जगतनारायण तिवारी आरव भरद्वाज डा मनीष शुक्ला सुनीता मिश्र प्रमुख रूप से थे।

