January 17, 2026

DFC अंबाला में ERC चोरी का पर्दाफाश, GPS तकनीक से बड़ा हादसा टला, चार गिरफ्तार

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DFC अंबाला में ERC चोरी का पर्दाफाश, GPS तकनीक से बड़ा हादसा टला, चार गिरफ्तार


EDFC/अंबाला: ट्रैक सुरक्षा में सतर्कता और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का एक उल्लेखनीय उदाहरण सामने आया है। Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited (DFCCIL) की सुरक्षा टीम ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंबाला सेक्शन में इलास्टिक रेल क्लिप्स (ERCs) की चोरी में संलिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस त्वरित कार्रवाई से न केवल चार आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हुई, बल्कि संभावित बड़े रेल हादसे को भी समय रहते टाल दिया गया।
यह संपूर्ण अभियान आशीष मिश्रा, जीजीएम (सुरक्षा), ईडीएफसी के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा संचालित किया गया, जिसने मात्र 24 घंटों के भीतर पूरे मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए उत्कृष्ट समन्वय, तत्परता और निर्णायक क्षमता का परिचय दिया।
दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में ईडीएफसी, अंबाला यूनिट के अंतर्गत न्यू जरौड़ा नारा–न्यू मंसूरपुर सेक्शन में ERC चोरी की लगातार घटनाएं सामने आ रही थीं। ERCs रेलवे ट्रैक की मजबूती और सुरक्षित रेल संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक घटक हैं, और इनके हटाए जाने से गंभीर सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकता है। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए DFCCIL सुरक्षा टीम ने GPS ट्रैकिंग तकनीक पर आधारित एक अभिनव रणनीति अपनाई, जिसके परिणामस्वरूप तीन चोरों और चोरी का सामान खरीदने वाले एक व्यक्ति सहित कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
सतर्कता से पहली चोरी का खुलासा
27–28 दिसंबर 2025 की रात इस सेक्शन में पहली बार ERC चोरी की सूचना मिली, जिसमें ट्रैक से 309 इलास्टिक रेल क्लिप्स चोरी हो गई थीं। सूचना मिलते ही DFCCIL सुरक्षा टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया और पास के एक गन्ने के खेत से चोरी किया गया समस्त सामान बरामद कर लिया। इससे तत्काल संभावित खतरे को टाल दिया गया। टीम ने साथ ही यह आकलन भी किया कि चोरी की घटना दोबारा हो सकती है।
GPS ट्रैकर से बिछाया गया जाल
रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए, सुरक्षा टीम ने दो बोरियों में रखे ERCs के भीतर गुप्त रूप से GPS ट्रैकर लगाए और उन्हें पुनः उसी संवेदनशील स्थान पर रखा। इससे बिना किसी संदेह के पूरे क्षेत्र की डिजिटल एवं रियल-टाइम निगरानी संभव हो सकी।
रियल-टाइम ट्रैकिंग से गिरफ्तारी
जैसा अनुमान था, 30–31 दिसंबर की रात चोर एक बार फिर सक्रिय हुए और इस बार 486 ERCs चोरी कर DFCCIL की एक पुलिया (कल्वर्ट) के नीचे छिपा दिए। अनजाने में वे GPS लगे बैग भी अपने साथ ले गए। जैसे ही ट्रैकर की लोकेशन में गतिविधि दर्ज हुई, DFCCIL सुरक्षा टीम ने तुरंत स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया। रियल-टाइम लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए चोरी का माल ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया और तीन आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की जांच में चोरी का सामान खरीदने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया।
जागरूकता अभियान और समन्वय सुदृढ़ीकरण
कार्रवाई के साथ-साथ DFCCIL द्वारा आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसमें ग्रामीणों को रेल संपत्ति से दूर रहने, रेलवे उपकरणों की चोरी न करने तथा यह जानकारी दी गई कि रेल संपत्ति की चोरी एक दंडनीय अपराध है।
इस सफल अभियान के बाद ट्रैक सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से एसएसपी मुजफ्फरनगर एवं रेंज पुलिस अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संवेदनशील एवं ‘ब्लैक स्पॉट’ क्षेत्रों की पहचान, निवारक गश्त बढ़ाने तथा पुलिस-रेलवे के बीच आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने पर चर्चा की गई।
आशीष मिश्रा ने सुरक्षा टीम की सराहना करते हुए अंबाला स्टेशन के पास सिग्नल पोस्ट तथा सहारनपुर क्षेत्र में ट्रैक-साइड कनेक्शन बॉक्स (सिग्नलिंग उपकरण) से जुड़ी चोरी के मामलों का भी उल्लेख किया, जिन्हें GPS तकनीक की मदद से सफलतापूर्वक सुलझाया गया।
DFCCIL अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि रेल संपत्ति की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। तकनीक, सतर्कता और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

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