उत्तर मध्य रेलवे: सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई; दिसंबर में वसूला ₹4 लाख से अधिक का जुर्माना

उत्तर मध्य रेलवे ने अपने स्टेशनों और रेल परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए “स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत” मिशन के तहत एक व्यापक अभियान चलाया है । दिसंबर 2025 के दौरान, रेलवे ने गंदगी फैलाने और थूकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है । इस दौरान प्राप्त 1 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 के बीच कुल 2,815 लोगों पर कार्यवाई की गई और इनसे कुल ₹4,04,800 की जुर्माना राशि वसूली गई । इस अवधि के दौरान 18 दिसंबर 2025 को सबसे अधिक कार्रवाई हुई, जिसमें एक ही दिन में 170 मामले दर्ज किए गए और ₹22,050 का जुर्माना वसूला गया । यह अभियान प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडलों में एक साथ चलाया गया ।
उत्तर मध्य रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं:
1. कूड़ेदान का उपयोग: स्टेशन और ट्रेनों के भीतर कचरा फैलाने के बजाय केवल निर्धारित डस्टबिन का ही उपयोग करें ।
2. थूकने पर पाबंदी: सार्वजनिक स्थानों, सीढ़ियों और खिड़कियों से थूकना न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है ।
3. सहयोग की अपील: रेलवे प्रशासन का लक्ष्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यह अभियान और भी कड़ाई से जारी रहेगा। जो यात्री नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ।

