माघ मेला के दौरान रेलवे स्टेशन पर वन-वे यानी एक दिशा लागू रहेगी

माघ मेला के दौरान रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने और भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए ”वन-वे’ यानी एक दिशा से प्रवेश, दूसरी दिशा से निकास की व्यवस्था लागू की जा रही है। मुख्य स्नान पर्वों के दौरान स्टेशनों पर यात्रियों के आने और जाने के रास्ते अलग-अलग तय कर दिए गए हैं। यह व्यवस्था मुख्य स्नान पर्व से एक दिन पहले शुरू होकर स्नान के दो दिन बाद तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत स्टेशन के जिस दरवाजे से आप अंदर जाएंगे, वहां से बाहर निकलना मुमकिन नहीं होगा।
मंडल पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि यात्री आश्रयों के अंदर ही अनारक्षित टिकट यात्रियों को मिल जाएगा। मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के समय सबसे अधिक भीड़ होने की संभावना है, इसलिए 14 जनवरी से 20 जनवरी तक विशेष चौकसी रहेगी। इसी तरह पौष पूर्णिमा, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर भी स्नान से एक दिन पूर्व से लेकर दो दिन बाद तक प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, छिवकी व नैनी में यही ‘एकल दिशा प्लान’ लागू रहेगा। प्रवेश व निकास की व्यवस्था
प्रयागराज जंक्शन : यहां यात्रियों को केवल लीडर रोड की तरफ से प्रवेश दिया जाएगा। स्टेशन से बाहर निकलने यानी निकासी के लिए केवल सिविल लाइन्स साइड का ही उपयोग करना होगा। अनारक्षित यात्रियों को उनकी दिशा के अनुसार बने यात्री आश्रयों के माध्यम से ही प्लेटफार्म तक भेजा जाएगा।

