January 17, 2026

सीटू जिला कमेटी चम्बा ने मोदी सरकार द्वारा मजदूरों की हितों की रक्षा के लिए बनाये गये 29 श्रम कानूनों को खत्म करके चार श्रम संहिताओं में बदलने और मनरेगा के कानून को बदलने के विरोध में चम्बा उपायुक्त के कार्यालय पर प्रदर्शन किया

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सीटू जिला कमेटी चम्बा ने मोदी सरकार द्वारा मजदूरों की हितों की रक्षा के लिए बनाये गये 29 श्रम कानूनों को खत्म करके चार श्रम संहिताओं में बदलने और मनरेगा के कानून को बदलने के विरोध में चम्बा उपायुक्त के कार्यालय पर प्रदर्शन किया

रिपोर्ट अशोक कुमार, ब्यूरो चम्बा

चम्बा। आज 19 दिसंबर 2025 को सीटू जिला कमेटी चम्बा ने मोदी सरकार द्वारा मजदूरों की हितों की रक्षा के लिए बनाये गये 29 श्रम कानूनों को खत्म करके चार श्रम संहिताओं में बदलने और मनरेगा के कानून को बदलने के विरोध में चम्बा उपायुक्त के कार्यालय पर प्रदर्शन किया l
उल्लेखनीय है कि ये मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाये गये कानून इसलिए समाप्त किए जा रहे हैं और नयी श्रम संहिताओं को इसलिए बनाया गया ताकि उद्योगपतियों, कंपनियों, ठेकेदारों को लूटने और मजदूरों का शोषण करने की आज़ादी मिल सके l
देश और दुनिया भर के मजदूरों ने लंबी लड़ाई और अनगिनत कुर्बानियों के बल पर आठ घंटे काम करने का अधिकार हासिल किया था जिसे मोदी सरकार ने इन नयी श्रम संहिताओं में बारह घंटे कर दिया है l देश के युवाओं को शोषण के गर्त में धकेलने के लिए स्थाई रोजगार का स्वरूप ही बदल दिया है और उसके स्थान पर निश्चित अवधि के लिए थोड़े समय के लिए रोजगार दिए जाने का प्रावधान इन संहिताओं में कर दिया है l रोजगार की सुरक्षा ही समाप्त कर दी गई है l महिलाओं से रात को भी काम लेने का कानून बनाया गया है जबकि इससे पहले और आज भी पूरी दुनिया में महिलाओं से आवश्यक सेवाओं के अलावा रात को कहीं भी काम नहीं लिया जाता है l इसी तरह से मजदूरों के संगठित होने और अपनी मांगों के लिए आवाज़ उठाने के अधिकार को भी कमजोर किया गया है अगर मजदूर हड़ताल पर जाते हैं तो उन्हें जुर्माने और जेल भेजने जैसी सजाओं की व्यवस्था इन नयी श्रम संहिताओं में कर दी गई है l मूलतः इन नयी श्रम संहिताओं को लागू करने का मकसद देश के मजदूर वर्ग को इन नयी श्रम संहिताओं की बेड़ियों में जकड़ कर निहत्था और बंधुआ बनाया जाना है और ये सब व्यापार को आसान करने के नाम पर उद्योगपतियों, कंपनियों ठेकेदारों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है l
सीटू मनरेगा के कानून को खत्म करके नयी योजना में बदलने के मोदी सरकार के फैसले का भी कड़ा विरोध करती है l मनरेगा कानून देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों जिनमें अधिकतर महिलाएं हैं के लिए जीने का सहारा है उसे भी मोदी सरकार ने अब छीन लिया है l मोदी सरकार 2014 में सत्ता के आने के बाद से ही मनरेगा के कानून को कमजोर करके इसे समाप्त करने की योजना पर काम कर रही थी मनरेगा का मज़ाक उड़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे कॉंग्रेस की नाकामियों का स्मारक घोषित कर चुके हैं और अब इसे मौका मिलते ही समाप्त कर नयी योजना में बदल दिया है l सीटू इसके खिलाफ चरणबध्द तरीके से लडाई लड़ेगा! सीटू जिला कमेटी ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधान मन्त्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया! जिसमें लेबर कोड को रद्द करने, आंगनबाड़ी वर्कर को ग्रेचुटी , आंगनबाड़ी वर्कर्स व मिड डे मील वर्कर्स को वर्कर्स का दर्जा देने, न्यून्तम वेतन 26000 देने, स्ट्रीट वैंडर एक्ट को लागू करने, ठेका वर्कर्स को रेगुलर करने की मांग उठाई!
आज के प्रदर्शन को सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र,उपाध्यक्ष विपिन शर्मा, सरोज,अंजू, संजय,लोकी, अयूब ने संबोधित किया और सेंकड़ों मजदूरों ने इसमें भागीदारी की l

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