सैनिक कालोनी के पूर्व सैनिक की बेटी निहारिका संघर्षों के बीच बनी राष्ट्रीय संस्थान में असिस्टेंट रजिस्ट्रार (लीगल) लोगों ने दिया बधाई
सैनिक कालोनी के पूर्व सैनिक की बेटी निहारिका संघर्षों के बीच बनी राष्ट्रीय संस्थान में असिस्टेंट रजिस्ट्रार (लीगल) लोगों ने दिया बधाई

प्रयागराज सैनिक कालोनी के पूर्व सैनिक सूबेदार बी के पान्डेय निहारिका जिसकी जन्म तिथि 01दिसंबर 1996 है जो एक साधारण परिवार से पली-बढ़ी बेटी निहारिका ने संघर्ष, मेहनत और निरंतर प्रयास के बल पर ऐसी उपलब्धि हासिल किया है, जो कई युवाओं का सपना होता है। उनका चयन देश के प्रतिष्ठित अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर (ABV-IIITM Gwalior) में असिस्टेंट रजिस्ट्रार (लीगल) के पद पर हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस पद के लिए पूरे भारत में केवल एक ही रिक्ति थी। निहारिका की शिक्षा यात्रा हमेशा उत्कृष्ट रही है। उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल इलाहाबाद से स्कूल की शिक्षा प्राप्त की और अपने पूरे स्कूल मे (कक्षा पहली से दसवीं तक प्रथम स्थान पर ही रही, फिर Dr. Ram Manohar Lohiya National Law University (RMLNLU), Lucknow से BA LLB (Hons.) वर्ष 2020 में पूरा किया। और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ते हुए वर्ष 2021 में देश के प्रतिष्ठित Tata Institute of Social Sciences (TISS), Mumbai से LL.M की डिग्री प्राप्त की। उच्च शिक्षा के बाद निहारिका को राष्ट्रीय स्तर पर उनकी शैक्षणिक प्रतिभा के लिए सम्मान भी मिला। उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से Merit Certificate प्रदान किया गया। साथ ही, निहारिका गोल्ड मेडलिस्ट हैं, जो उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों का प्रमाण है। फरवरी 2022 से निहारिका Delhi Skill and Entrepreneurship University (DSEU), Delhi Government University में Training and Placement Officer (Grade A) के रूप में कार्यरत रही। इस भूमिका में उन्होंने विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्री कनेक्ट, प्लेसमेंट के अवसर, प्री-प्लेसमेंट ट्रेनिंग और कौशल विकास कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों और चुनौतियों के बावजूद निहारिका ने अपनी तैयारी और लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा। उनकी मेहनत अंततः उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थान ABV-IIITM में Assistant Registrar (Legal) के सम्मानित पद तक पहुँचाया। निहारिका का कहना है,“मेरी यह यात्रा आसान नहीं थी, लेकिन मैंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। मैं चाहती हूँ कि छोटे शहरों और सीमित संसाधनों से आने वाली लड़कियाँ , जानें कि मेहनत और लगातार प्रयास से कोई भी मंज़िल पाई जा सकती है।”उनकी उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे सैनिक कालोनी प्रयागराज क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। निहारिका की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखते हैं। इस गरिमा एवं महत्वपूर्ण पद के लिए चयनित होने पर लोगों ने उन्हें बधाइयां दिया बधाई देने वालों में सूबेदार श्याम सुंदर सिंह पटेल, सूबेदार आई सी तिवारी ,सूबेदार जी यादव , बिंदु प्रकाश , कैप्टन एस एन तिवारी ,सूबेदार मेजर मुकेश मिश्रा, लेफ्टिनेंट नरोत्तम त्रिपाठी आदि कई लोगों ने अपनी शुभकामनाएं दिया और कहा कि यह पूर्व सैनिकों के लिए गर्व की बात है।

